भारत और ब्रिटेन के बीच जीवन बीमा समेत विभिन्न क्षेत्रों में 17 नए समझौते हुए हैं। ब्रिटेन ने कहा कि उसके व्यापार राज्यमंत्री जोनाथ रेनॉल्ड्स और निवेश मंत्री पॉपी गुस्ताफसन के भारत दौरे के दौरान इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये करार निर्यात और निवेश से जुड़े हैं। ब्रिटेन ने यह भी कहा कि भारत के हालिया आम बजट से ब्रिटिश बीमा कंपनियों को व्यापार के अधिक अवसर मिलेंगे।
ब्रिटेन की तरफ से विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन समझौतों से विशेष रूप से तकनीक और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए रेनॉल्ड्स और गुस्ताफसन ने इस बात पर जोर दिया कि नए समझौतों से सैकड़ो नौकरियां पैदा होंगी और दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध और मजबूत होंगे। पिछले वर्ष ही भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार संबंध 41 अरब पाउंड ( लगभग 4.52 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ गया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।
भारत ने बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश 100 फीसदी किया
रेनॉल्ड्स ने कहा, प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए दो बड़े विकास क्षेत्र हैं। मुझे गर्व है कि सरकारी सहायता ने इन क्षेत्रों में हमारे कुछ बेहतरीन व्यवसायों को भारतीय बाजार में विस्तार करने में मदद की है। उन्हें विकास की ओर बढ़ते देखना बहुत अच्छा है और उनकी सफलताएं ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए करोड़ों पाउंड के बराबर होंगी। भारत ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को 74 फीसदी की सीमा से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया है।
अभी भी भारत में ही हैं दोनों ब्रिटिश मंत्री
दोनों ब्रिटिश मंत्री अभी भारत में ही हैं और मुंबई व बंगलूरू के दौरे पर हैं। सोमवार को रेनॉल्ड्स और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बीच बातचीत हुई थी। वार्ता के बाद दोनों मंत्रियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुख्य व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू करने की घोषणा की थी, जिससे दोनों देशों में न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आर्थिक विकास भी होगा।